Published On: Tue, Apr 9th, 2019

वरिष्ठ लेखिका आभा सिंह की दो पुस्तको का पिंक सिटी प्रेस क्लब में विमोचन

जयपुर, अप्रैल, 2019- जयपुर की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती आभा सिंह की दो पुस्तकों का विमोचन जयपुर पिंक सिटी प्रेस क्लब में किया गया। पहली पुस्तक- स्वप्न दिशा की ओर- यात्रा संस्मरण है तथा दूसरी कविता संग्रह है, जिसका शीर्षक-भोरगंध है। दोनो पुस्तकों का विमोचन सम्माननीय श्री कला नाथ शास्त्री, श्री नंद भारद्वाज, श्री नरेन्द्र शर्मा कुसुम, श्रीमती जय श्री शर्मा व स्पंदन संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती नीलिमा टिक्कू के द्वारा संपन्न हुआ।

आभा सिंह के साहित्य- सृजन की धडक़न मानव मन की संवेदना है, उसमें पल-पल सांस लेते भावनाओं के अनगिनत रंग हैं। रचनाओं में भाषा का काव्यमय रूप दृष्टिगत होता है, उन्हें अपने सृजन के लिए कई सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। 1980 में लघु कथा -अभिशप्ता- इंदौर के साहित्य संगम से पुरस्कृत हुई। 2014 में कहानी- अपने पराए, बदरंग कैनवास, 2017 में कहानी- अंधेरी आंखों के उजाले, 2018 में कहानी -बिजूका पुरस्कृत हुई। 2009 में सतत रचना के रचनाकार सम्मान, दिल्ली, 2015 में अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मान, अलवर, 2016 में शब्दनिष्ठा सम्मान, अजमेर में प्राप्त हुए। 16 मार्च 2019 में स्पंदन साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्थान ने उन्हें विशिष्ट साहित्यकार के सम्मान से नवाजा।

जयपुर की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती आभा सिंह ने सन 1978 से लेखन प्रारंभ किया। वे कहानी, कविता, लघुकथा, यात्रा संस्मरण तथा उपन्यास विधा में लेखन करती हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकों में कहानी संग्रह- कोने का आकाश, अब तो सुलग गए गुलमोहर, परछाइयों के अक्स, टुकड़ा टुकड़ा इंद्रधनुष, कविता संग्रह में-अस्तित्व का हठ तथा भोरगंध है। लघुकथा में -माटी कहे तथा यात्रा संस्मरण में- स्वप्न दिशा की ओर, उपन्यास- मन की धूप शामिल है। उनके 3 ई-कथा संग्रह- हथेलियों के क्षितिज, परछाइयां तथा वह लडक़ी प्रकाशित हैं। उनकी कई कहानियों व कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद जर्मन लेखिका श्रीमती युट्टा ऑस्टिन ने किया है। श्रीमती युट्टा ऑस्टिन और जोधपुर के शिक्षक श्री हजारी राम बागाणी लघुकथा संग्रह-माटी कहे- की लघु कथाओं का उपयोग कक्षा शिक्षण में  करते हैं। लघुकथा- वारफेर – का रेडियो रूपांतरण ‘‘बोल हरियाणा रेडियो’’ से प्रकाशित हुआ है।