नई दिल्ली, 12 सितम्बर 2022.

 विश्व फिजियोथेरेपी दिवस हर वर्ष 8 सितंबर को मनाया जाता है। इसका मकसद समाज में फिजियोथेरेपिस्ट के योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस विशेष दिन को नई अहमियत देते हुए एचडीबी फाइनैंशियल सर्विसेज (एचडीबीएफएस) ने अपनी सीएसआर पहलट्रांसपोर्ट आरोग्यम केंद्र (टीएके) के तहत खास कर ट्रक चालक समुदाय के लिए फिजियोथेरेपी शिविरों का आयोजन किया है।

ट्रक चालक अक्सर एक छोटी-सी जगह पर बैठ कर लंबी दूरी का सफर तय करते हैं। इसके अलावा कई अन्य वजहों से उन्हें शारीरिक और मानसिक समस्याएं होती हैं जैसे कि दुर्गम रास्तों पर जाना, आराम नहीं मिलना, ड्राइविंग के दौरान लगातार वाइब्रेशन, माल पहुँचाने की जल्दबाजी आदि।

एचडीबीएफएस ने ट्रक चालकों की सेहत और तंदुरुस्ती का ध्यान रखते हुए कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम और मध्य प्रदेश राज्यों में 8 सितंबर से 12 सितंबर तक फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजनकिया है। इन राज्यों के तीस शहरों में शिविर लगाए जाएंगे। अधिक से अधिक ट्रक चालकों को इसका लाभ पहुँचाने के लिए परिवहन के गढ़ में और उसके आसपास शिविर लगाने की प्रभावी योजना बनाई गई है। शिविर के आयोजन में स्थानीय चिकित्सकों, ट्रांसपोर्टरों और उद्योग संघों का सहयोग सुनिश्चित किया गया है। शिविर में ट्रक चालकों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए अनुभवी चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

शिविर के आयोजन पर एचडीबीएफएस के व्यावसायिक वाहन व्यवसाय के राष्ट्र प्रमुख अजय ठाकुर ने कहा, ‘‘ट्रक चालकों में समय के साथ मांसपेशियों में काफी असंतुलन पैदा होता है जिससे हड्डी और नस संबंधी समस्याएं जन्म लेती हैं। इसके बाद वे विभिन्न किस्म के दर्द से परेशान रहते हैं। एचडीबी फाइनैंशियल सर्विसेज ने उनके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में चालकों तक पहुंचने और विशेषज्ञों की सलाह पहुँचाने  की यह पहल की है। इसके तहत ट्रक चालकों की स्वास्थ्य समस्याएं कम करने के लिए पूरे भारत में फिजियोथेरेपी शिविर लगाए जाएं।”

एचडीबी फाइनैंशियल सर्विसेज (एचडीबीएफएस) ने ट्रक चालकों के लिए अपनी सीएसआर पहल के तहत ‘ट्रांसपोर्ट आरोग्यम केंद्र’ की शुरुआत की।इस फिजियोथेरेपी कार्यक्रम के तहत ट्रकचालक समुदाय को निःशुल्क सेवा दी जाती है।

एचडीबी के ट्रांस्पोर्ट आरोग्यम केंद्र पेशाजन्य स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम और उपचार करते हैं। अधिकतर ट्रक चालक इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान रहते हैं क्योंकि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में ड्राइव करनी होती है, स्थिर मुद्रा में बैठना होता है, गर्दन और पीठ बार-बार मोड़ना पड़ता है, एक छोटी-सी जगह में बैठना और सोना पड़ता है, पूरा आराम और सही आहार नहीं मिलता है। एचडीबी के ट्रांस्पोर्ट आरोग्यम केंद्र पहल का मुख्य उद्देश्य भारत में ट्रक चालकों के शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करना है।

टीएके दो फॉर्मेट  में काम करते हैं; मोबाइल कैंप मॉडल और स्टैटिक क्लिनिक। मोबाइल कैंप छोटी अवधि के फिजियो कैंप हैं जो परिवहन के गढ़ में फिजियोथेरेपी से निदान के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं जबकि स्टैटिक क्लिनिक परिवहन के गढ़ में कथित समस्याओं की रोकथाम और फिजियोकेयर चिकित्सा प्रदान करते हैं।

एचडीबी फाइनैंशियल सर्विसेज ने 2021 में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के दौरान संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में अपना पहला स्टैटिक ट्रांस्पोर्ट आरोग्यम केंद्र शुरू किया। इसके बाद तमिलनाडु के नमक्कल और महाराष्ट्र के कलंबोली में यह केंद्र शुरू किया गया। ये कैंप अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख परिवहन केंद्रों और उनके आसपास लगाए जाते हैं ताकि चालकों से संपर्क करना आसान हो। अब तक टीएके की पहल का लाभ भारत के 35,000 से अधिक ट्रक चालकों  को मिला है।.