जयपुर, 04 जुलाई, 2022.

उदयपुर में हुई कन्हैयालाल की बर्बर हत्या के विरोध में राजधानी जयपुर में रविवार को सर्व हिन्दू समाज की ओर से मौन रैली निकाली गई, इसके बाद स्टेच्यू सर्किल पर विशाल आमसभा हुई। सभा को हिन्दू समाज के संत महात्माओं और समाज के वरिष्ठ बंधुओं ने संबोधित किया। सभा में कन्हैयालाल को श्रद्धांजलि देने के बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया है।

सर्व हिन्दू समाज की हजारों की संख्या में भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर पुलिस की ओर से एहतियात के तौर पर शहर के चप्पे-चप्पे पर करीब दो हजार से अधिक पुलिस के जवान तैनात किए गए। इससे पहले पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने स्टेच्यू सर्किल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

हिन्दू समाज के महिला एवं पुरूष रविवार सुबह समय से पहले ही अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए स्टेच्यू सर्किल पर एकत्रित होने लगे थे। रैली में बड़ी संख्या में लोग दूर-दराज से भी जत्थों के रूप में नारे लगाते हुए पहुंचे और रैली में सम्मिलित हुए। लोगों ने हत्यारों को फांसी पर लटकाए जाने की मांग की।

रैली को संबोधित करते वक्ताओं ने सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान की एटीएस हत्यारों को रविवार दो बजे तक भी एनआईए को सौंपने के बजाय खुद के पास रखना चाहती थी। लेकिन एनआईए कोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए एटीएस को कस्टडी देने से मना कर दिया। इसके बाद एटीएस ने एनआईए को पत्रावली सौंपी और कोर्ट ने हत्यारों को एएनआई को रिमांड पर दिया।    

वक्ताओं ने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण के आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार की तुष्टिकरण की नीति प्रदेश सरकार ने अपनाई है उसके कारण राजस्थान में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। तुष्टीकरण की नीति के कारण ही कन्हैयालाल की हत्या हुई। कन्हैयालाल ने पुलिस में अपनी सुरक्षा की मांग की लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वर्तमान परिस्थितियों में समाज चुप नहीं बैठेगा और राजस्थान को तालिबान नहीं बनने देगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी एक बुल्डोजर बाबा की जरूरत है।