• September 28, 2021

जयपुर,मई 2021.

कोविड महामारी के दौर में जहाँ लक्षणों के आधार पर जांच व इलाज की दिशा तय की जा रही है, वहीँ इस कड़ी में बहुत सी ऐसी बीमारियाँ भी हैं जिनके प्राथमिक लक्षण कोविड से मिलते जुलते हैं, जो लोगों मन में कुछ हद तक उलझन पैदा कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है डेंगू। कोविड के आगमन से भी बहुत पहले डेंगू इस देश में चिंताजनक बीमारी के रूप में व्याप्त है। बुखार, मांसपेशियों में दर्द, बदन टूटना आदि जैसे लक्षण डेंगू और कोविड दोनों में पाए जाते हैं, जो दोनों में से किसी एक बीमारी को लेकर भ्रमित कर सकते हैं। साथ ही बरसात का मौसम भी निकट है जिसमें डेंगू जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है इसलिए सही जानकारी का प्रसार ज़रूरी है। यदि सावधानी नहीं बरती गई तो अस्पतालों पर डेंगू और कोविड के मरीज़ों का अतिरक्त दबाव बनेगा और जनता को भी कष्ट होगा।

नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जयपुर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर अजय नायर  ने कहा कि, माना कुछ लक्षण कोविड और डेंगू के एक सामान हैं लेकिन कोविड के अतिरिक्त लक्षण भी हैं जैसे गंध न आना, स्वाद की ग्रंथि प्रभावित होना, खांसी, जुखाम आदि जो डेंगू में नहीं पाए जाते हैं। लेकिन अभी के दौर में कोविड महामारी की दूसरी लहर चल रही है, संक्रमण बेहद तेज़ी से फ़ैल रहा है। बहुत से मामलों में कोविड बिना लक्षण के ही लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसलिए ऐसे में इस सामान्य अंतर को भी पूरी तरह से सटीक नहीं माना जा सकता। इसलिए बेहतर है कि डॉक्टर के परामर्श अनुसार उपयुक्त जांच करवाई जाए। बेहतर है आरटी-पीसीआर टेस्ट के साथ साथ रक्त जांच भी करवा लें और रिपोर्ट्स के अनुसार इलाज की दिशा तय करें। 

साथ ही यह भी समझना होगा कि लक्षणों की पहचान से ज्यादा कोविड और डेंगू दोनों के ही सन्दर्भ में बचाव के तरीके व्यापक स्तर पर अपनाने चाहिए, ताकि मरीज़ों की संख्या में इजाफा होने से बचाया जा सके :-

  • कोविड सम्बंधित संभी सावधानियों का पालन करें
  • मच्छरों से बचाव के लिए मछरदानी और उपयुक्त स्प्रे आदि का सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें 
  • अपने आस पास पानी जमा न होने दें
  • बुखार, खांसी, बदनदर्द, बेवजह थकान आदि होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें 
  • बच्चों का इस विषय में विशेष ख्याल रखें  

उपरोक्त उपायों से कोविड और डेंगू दोनों से बचाव में मदद मिलेगी।

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