Published On: Fri, Oct 15th, 2021

जयपुर की महिलाएं जवाहर कला केंद्र में साड़ी पर आकृति देख अचंभित हुई

जयपुर, अक्टूबर 15, 2021.

नेशनल आर्ट & क्राफ्ट सिल्क एक्सपो की 17 दिवसीय आर्ट एंड क्राफ्ट सिल्क एक्सपो प्रदर्शनी 2021 प्रारंभ हुई, जिसमें देश के 25 राज्यों के 150 से अधिक हस्तकला और नेशन आर्टिजन व सिल्क बुनकरों की बुनाई कला को प्रदर्शित किया जा रहा है।

उमंग आर्ट & क्राफ्ट एक्सपो के सचिव आशीष गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल के बाद अपने अस्तित्व के संकट को जूझ रहे कलाकार और सिल्क बुनकर एक ही छत के नीचे इकट्ठा हुए हैं। जवाहर कला केंद्र जेएलएन मार्ग पर चल रही इस प्रदर्शनी में 5000  से अधिक वेरायटियों की सिल्क साड़ियां, सूट, ड्रेस मटेरियल को जोरदार प्रतिसाद मिल रहा है।

असम के दीपक अपने साथ तनछुई इक कानी साड़ी लाए हैं। और उनकी साड़ी पर हाथ से बनी ​कलाकृतिया ​ बनी है। इस साड़ी की बुनाई इतनी बारीक है कि हाथ से छूने पर ही पता चलता है कि यह बुनाई है या प्रिंट हुई है। असम की मूंगा सिल्क साड़ियां भी गृहणियों को आकर्षित कर रही है। 1 नवम्बर 2021 तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में कश्मीर के बुनकरों के सिल्क के कारपेट, पश्मीना शाल, साड़ियां, गुजरात की चनिया चोली, खेकड़ा की काटन बेडशीट, कलकत्ता के कारीगर कमल मटका सिल्क, कांता वर्क  लखनऊ की लखनवी चिकन, बनारस के वीवर्स मोहम्मद आजम ने बताया कि  सिल्क साड़ियां खडी जॉर्जेट साड़ी हाथ से बनती है, इसे बनाने में 21 दिन लगते है ।

कारीगर अफजल ने बताया कि कॅरोना काल मे हम सभी वीवर्स परेशान है सरकार के फ्री राशन से काम चल रहा है। कोरोना काल मे पहली बार घर से रोजी रोटी के लिए जयपुर आये है वो कतान, साटन, पौड़ी, उपड़ा, शिफॉन, मूंगा, मस्राइज, मटका रेशम की साड़ी लाये है यहां प्रदर्शित की गई है। हैंडी क्राफ्ट खुर्जा की पॉटरी, सहारनपुर के एंटीक फनीचर, असम के केनबम्बू असम के ड्राई फूल आदि है।

 यह प्रदर्शनी 1 नवम्बर तक जवाहर कला केंद्र जे एल एन मार्ग जयपुर में चलेगी ।

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