Published On: Thu, May 13th, 2021

मरीज थे सस्पेक्टेड कोविड पॉजिटिव, हार्ट अटैक के लिए इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी कर बचाई जान

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर की टीम ने अपनाया सभी सावधानियों को सख्ती से, जान बचाना था प्राथमिक उद्देश्य

यह देखा जा रहा है कि कोविड संक्रमण फेफड़ों के साथ-साथ हृदय एवं उन्य अंगों को प्रभावित करता है साथ ही संक्रमित मरीजों में ब्लड क्लॉटिंग का रिस्क भी काफी हद तक बढ़ाता है जिसका परीणाम है हार्ट अटैक एवं ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि। इसी क्रम में बीते 2 हफ्तों में नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जयपुर में 4 हार्ट अटैक के ऐसे मामले आयें जहां मरीज सस्पेक्टेड कोविड पॉजिटिव थे- उनमें कोविड के सभी लक्षण थे जैसे ऑक्सीजन सैच्युरेशन में गिरावट, सांस लेने में दिक्कत, खाँसी आना आदि। मूल बात यह है कि अगर उनकी कोविड रिपोर्ट का इंतजार करते तो मरीज की निश्चित तौर पर जान जा सकती थी इसलिए नारायणा हॉस्पिटल की कार्डियक टीम ने चारों मामलों में, सभी सावधानियों का पालन करते हुए इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी कर मरीज की जान बचाई। इन गंभीर मामलों का उपचार करने वाले डॉर्क्ट्स में शामिल थे सीनियर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र श्रीमाल, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. अंशु काबरा एवं डॉ. अंशुल पाटोदिया। उपचार के बाद उन्हें अलग से आईसोलेशन में रखा गया जहाँ उनकी रिकवरी सुनिश्चित की गई। रिपोर्ट आने पर चारों मरीज कोविड पॉजिटिव पायें गये और उनका कोविड का उपचार भी साथ ही किया गया। समय रहते उपचार मिलने पर अब चारों मरीज पूरी तरह से रिकवर हो चुके हैं और उन्हें हॉस्पिटल से डिसचार्ज कर दिया गया है।

नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जयपुर की जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. माला ऐरन ने कहा कि ‘‘हार्ट अटैक के साथ आये इन मरीजों को तुरंत ईलाज की आवश्यकता थी, कोविड की पुष्टी तक ईलाज के लिए रूकना घातक सिद्ध हो सकता था इसलिए तुरंत डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की टीम का गठन किया गया और बेहद सख्ती से कोविड संबंधित नियमों का पालन करते हुए ईलाज किया गया। हमारी कोशिश है कि इस महामारी के दौरान भी सभी मरीजों को बेहतरीन उपचार मिल सके और कोई भी मरीज उपचार करवाने में देरी न करें खासकर मेडिकल इमरजेंसी में। 

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