जयपुर,अगस्त,2022.

लम्पी रोग के भारत में हो रहे तेजी से प्रसार को देखते हुए मूफार्म किसानों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत मूफार्म राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता शिविर का आयोजन कर रहा है। जिसमें किसानों को पशुओं के होने वाले लम्पी रोग के कारणों, इसके लक्षणों की पहचान, इसके उपचार और बरती जाने वाली सावधानियों को बताया जा रहा है।  

इसके साथ ही मूफॉर्म अपने से जुड़े किसानों के मवेशियों को अपने केन्द्रों पर लम्पी रोग की वैक्सीन लगा रहा है ताकि किसानों को उनके पशुओं का उपचार सुविधापूर्वक मिल सके।

मूफार्म द्वारा राजस्थान के पावटा, जटवाड़ा, बिलवा, चौमू, महुआ और अजमेर में शिविर आयोजित किया गया। यहाँ किसानों ने उत्साह से हिस्सा लिया और पशुओं को बीमारी से बचाने के तरीकों को जाना।

लम्पी रोग मवेशियों में फैलने वाली अत्यधिक संक्रामक उभरती हुई वायरल बीमारी है जो लम्पी स्किन डिजीज वायरस (एलएसडीवी) के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में पशुओं के पूरे शरीर में त्वचा पर गांठें, बुखार, लैक्रिमल डिस्चार्ज, नाक से स्राव, एनोरेक्सिया, दूध की पैदावार में कमी, क्षीणता, अवसाद आदि शामिल हैं। भारत में यह तेजी से फैल रहा है, जिससे मवेशियों की उत्पादकता और मृत्युदर के मामले से उनकी आबादी पर संभावित खतरा पैदा हो गया है।

इसके फैलने का मुख्य स्रोत आर्थ्रोपोडा (मच्छर, काटने वाली मक्खियाँ, क्यूलिकोइड्समिडज और तीन रक्तचूसने वाले कठोरटिक) हैं जो इसके मुख्य संचालक का कार्य करता है।

शिविर के आयोजन पर मूफार्म के को –फाउंडर अभिजीत मित्तल ने कहा, “मवेशी किसानों की आजीविका के प्रमुख स्रोत होते हैं और लम्पी रोग के कारण उन्हें पशुओं की हानि उठानी पड़ रही है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

इसी को देखते हुए हमने किसानों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। यहाँ हम किसानों को पशुचिकित्सकों के माध्यम से पशुओं को लम्पी रोग को पहचानने, सावधानियां और उपचार के लिए दवाओं की जानकारी दे रहे हैं।“