उदयपुर, दिसंबर 2021.

सर्द मौसम के साथ स्वास्थ्य की देखभाल के अतिरिक्त उपाय शुरू हो जाते हैं। इसी कड़ी में आती है हड्डियों की सेहत। अक्सर देखा गया है कि तापमान के गिरते ही बहुत से बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की समस्या भी शुरूहो जाती है। साथ ही ऐसे मौसम में महिलाओं को हड्डियों से संबंधित समस्या तुलनात्मक रूप से अधिक सामना करना पड़ता है जो 35 से 40 वर्ष की उम्र के आस- पास सक्रिय होता देखा जा सकता है। हमारे अनुभव में सर्दियों में गठिया या जोड़ों के दर्द के मरीजों में तकरीबन 25 फ़ीसदी इज़ाफ़ा देखने को मिलता है।ऐसे में ज़रूरी है कि इस समस्या की ओर ध्यान दिया जाए और उचित समाधान की कोशिश की जाए।

क्यों होती है सर्दियों में हड्डियों व जोड़ों में दर्द की समस्या :-

डॉक्टर आशीष सिंघल, कंसल्टेंट, ओर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, पारस जेके अस्पताल, उदयपुर के अनुसार इसका मूल कारण अधिकतर संधिवाद या गठिया को माना जा सकता है। इनमें कुछ समस्याएं अनुवांशिक हो सकतीं हैं जो सर्दियों में अधिक सक्रिय हो जातीं हैं। इसके अलावा सर्दियों में रक्त वाहिकाएं भी तुलनात्मक रूप से सिकुड़ जातीं हैं जिसके कारण रक्तप्रवाह भी प्रभावित होता है और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने में समस्या महसूस हो सकती है, जिसके कारण हड्डियों में दर्द की स्थिति में अतिरिक्त कष्ट हो सकता है। इसके अलावा बहुत से लोगों को पोषण को नज़रअंदाज़ करने व निष्क्रिय जीवनशैली के कारण इस स्थिति का सामना करना पड़ता है।

निम्नलिखित बिन्दुओं का पालन करके इस समस्या का समाधान खोजा जा सकता है :-

कैल्शियम और विटामिन-डी उचित मात्रा लें :- उचित पोषण को तरजीह दें। हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम की उचित मात्रा का सेवन करें। इसके साथ ही भोजन में विटामिन-सी की भी उचित मात्रा सुनिश्चित करें और विटामिन-डी के लिए धूप में नियमित 20 मिनट कोई शारीरिक व्यायाम आदि करें, क्योंकि कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए विटामिन- डी की अहम भूमिका होती है। विटामिन-डी के उचित सेवन के लिए जांच करवा कर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें।जंक फ़ूड, अत्यधिक तला भुना आदि खाने के बजाय संतुलित आहार लें।

नियमित व्यायाम :- सर्दियों में शारीरिक सक्रियता बेहद ज़रूरी है, लेकिन अक्सर इससे बहुत से लोग मौसम के कारण दूरी बना लेते हैं जो कि सही नहीं है। अपनी शारीरिक क्षमता और विशेषज्ञ की सलाह अनुसार दिन में कम से कम 20 मिनट व्यायाम अवश्य करें।

महिलाएं दें विशेष ध्यान :- जैसा कि बताया गया कि विविध कारणों से महिलाओं को इस समस्या का तुलनात्मक रूप से अधिक सामना करना पड़ सकता है इसलिए ज़रूरी है कि वे अपने पोषण को तरजीह दें। मीनोपॉज के समय ख़ास तौर पर महिलाएं कैल्शियम वन अन्य पोषक तत्वों की उचित मात्रा का सेवन करें।

जोड़ों को रखें गर्म :- सर्द हवा से बचनेके लिए शरीर को उचित मात्रा में ढकें, खासकर जोड़ों वाले हिस्सों को। यदि जोड़ों के दर्द की समस्या से बढ़ती है तो अपने डॉक्टर से जाँच करवायें।

सीधे सर्द हवा के संपर्क में आने से बचें :- अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें यहबीमारी के साथ साथ हड्डियों के लिए भी घातक हो सकती है और दर्द में इज़ाफ़ा कर सकती है।

इसके अलावा यदि पहले से हड्डियों से सम्बंधित किसी रोग से जूझरहे हैं तो अपनी दवाएं नियमित लें व डॉक्टर की सलाह के अनुसार जीवनशैली तय करें।बच्चों व बुजुर्गों का इस सन्दर्भ में अधिक ख्याल रखें।