उदयपुर, 02 अगस्त, 2022.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्या भारती ने अपने स्तर पर प्रयत्न शुरू कर दिए हैं। शिक्षा नीति के मद्देनजर विद्या भारती ने अपने संस्थान के कार्यकर्ता, प्रधानाचार्य एवं आचार्यों का प्रशिक्षण एवं प्रबोधन शुरू कर दिया है।
नई शिक्षा नीति को समझाने और उसे शिक्षण में उतारने के लिए उदयपुर के विद्या निकेतन हिरण मगरी सेक्टर-4 में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग जारी है। प्रशिक्षण वर्ग में 65 कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 25 फोकस एरिया पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के मंत्री वीरेन्द्र कुमार शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नई शिक्षा नीति देश के शिक्षा के परिदृश्य को आमूलचूल बदल देगी। अब 12वीं पढ़ने तक बच्चा अपनी पसंद के किसी हुनर में पारंगत हो सकेगा जिससे स्कूली शिक्षा के बाद उसे काम करना भी पड़े तो वह अपने हुनर से ही आजीविका का प्रबंध कर सकेगा।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षाविद ने कहा था कि भारत में शिक्षा है, लेकिन शिक्षा में भारत कहां है, अब नई शिक्षा में भारत के दर्शन होंगे। भारतीय ज्ञान परम्परा के आधार पर एक वैश्विक नागरिक तैयार करने के काम में विद्या भारती अपना योगदान करने के लिए प्रयत्नशील है।

महंगी फीस और बस्तों के बोझ को कम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में गतिविधि आधारित शिक्षा की बात कही गई है, साथ ही शिक्षा नीति के 4.32 तथा 18.12 बिन्दु में पाठ्यपुस्तकें न्यूनतम लागत पर तैयार कराने तथा शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने की बात कही गई है जो यह स्पष्ट करती है कि नई शिक्षा नीति देश की शिक्षा को हर व्यक्ति की पहुंच तक लाना चाहती है।

उन्होंने बताया कि विद्या भारती के उद्देश्यों में यह भी शामिल है कि अर्थाभाव के कारण कोई बाल शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी के मद्देनजर विद्या भारती विभिन्न स्थानों पर संस्कार केन्द्र संचालित करता है जहां कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

विद्या भारतीय राजस्थान क्षेत्र के सहमंत्री प्रेमसिंह शेखावत ने बताया कि चित्तौड़ प्रांत में विद्या भारती के 20 स्कूलों के लिए अटल टिंकरिंग लैब भी स्वीकृत हुई है जिनका कार्य शीघ्र शुरू होगा। इस लैब में आसपास के स्कूलों के तकनीकी क्षेत्र में जाने की इच्छा रखने वाले होनहार छात्र-छात्राएं निःशुल्क अभ्यास कर सकते हैं।