नई दिल्ली, मई  2022.

कौशल योजनाओं को एकीकृत कर कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार देने वाले स्किल इंडिया मिशन के अन्तर्गत जेल के कैदियों को उद्यमिता का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करके उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय उद्यमिता एवम लघु व्यवसाय विकास संस्थान द्वारा जेल बंदियो हेतु मूल्यवर्धित उद्यमिता विकास परियोजना का उद्घाटन आज दिनांक 16.05.2022 को उत्तर प्रदेश की जेल के प्रांगण मे किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जेल प्रशासन और सुधार सेवा, उत्तर प्रदेश सरकार एवम् आयोजक राष्ट्रीय उद्यमिता एवम लघु व्यवसाय विकास संस्थान के सहयोग से किया गया। जेल बंदियो हेतु मूल्यवर्धित उद्यमिता विकास परियोजना केइस उद्घाटन समारोह मे शेफ, श्रीरनवीर बरार विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह मे संस्थान की निदेशक डा० पूनम सिन्हा ने कहा कि संस्थान उत्तर प्रदेश की जेलों में जेल के बंदियों के बीच उद्यमिता विकास, मूल्य वर्धित कौशल उन्नयन, उत्पाद नवाचार और विकास एवम् आजीविका व्यवसाय केंद्र को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। विभिन्न केन्द्र एवम् राज्य सरकारों के सहयोग से देश भर में महिलाओं एवम् पुरूषों के सशक्तिकरण, उत्थान और उद्यमिता विकास के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश कारागार में स्थित जेल प्रतिभागियों हेतु उद्यमिता विकास के लिये भारत सरकार एवम् उत्तर प्रदेश सरकार की यह एक अनूठी पहल है। इसमें जेल के प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ प्रदान की जायेगी।यह पहल मूल रूप से जेल के कैदियों को अनेक प्रकार के उत्पादों जैसे अचार,बेकरी,कपड़े,कालीन,फर्नीचर,फूड एंड पैकेजिंग  में उद्यशीलता को बढ़ावा देने के लिए है।इसके साथ-साथ जेल बंदी जो भी उत्पाद बना रहे हैंउनको बाजार से लिंक करने का प्रयास किया जाएगा। जब यह प्रयास सफल हो जाएगा तो अन्य राज्यों की जेलो में भी इसकी पुनरावृत्ति की जायेगी।

डॉ. पूनम सिन्हा ने इस कार्यक्रम मे आए अतिथियों एवम् कार्यक्रम में हिस्सा लेरहे सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया ओर कहा कि संस्थान महिलाओं एवम् पुरूषों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम, उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम, महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें अपना स्वयं का रोजगारदेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कारागारों में रहने वाले कैदियों को उद्यमिता विकास के द्वारा उनके उत्पादों को उनको बाजार से लिंक करने का प्रयास करेगा। उन्होने यह भी कहा कि जेल बंदियो हेतु मूल्यवर्धित उद्यमिता विकास परियोजना मे शेफ श्री रनवीर

बरार जी खाद्य पदार्थो को स्वादिष्ट बनाने के तरीके एवम् अन्य खाद्य पदार्थों की खूबिया बताएँगे। रनवीर बरार बेकिंग सीखने में उनकी सहायता करने के लिए अपनी बेकरी टीम भी भेजेंगे और उन्हें किसी होटल से जोड़ने में सहायता करेंगे ताकि वे बाज़ार में संपर्क स्थापित कर सकें और अपने उत्पादों को बेच सकें।बंदियों हेतु संस्थान का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया के तहत व्यवसायों के लिये प्रोत्साहन के माध्यम से महिलाओं एवम् पुरूषों को उद्यम के प्रति प्रोत्साहित करना है। संस्थान का प्रयास यह भी है कि जेल बंदियों की सुविधा के लिये विभिन्न प्रकार की सुविधायें प्रदान की जाएँ जिससे उनका जीविकोपार्जन होसके।संस्थान द्वारा जेल प्रतिभागियों के लिये परामर्श एवम् समर्थन प्रणाली की प्राथमिकता दी जायेगी।

जेल बंदियो हेतु मूल्यवद्वित उद्यमिता विकास परियोजना का उद्घाटन को सफल बनाने हेतु संस्थान के मुख्य परामर्शदाता श्री पी०के० अरोड़ा, श्री प्रभाकर बहुगुणा एवम् सुश्री दिपा शर्मा एवम् अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा बेरोजगारी की समस्या को सुलझाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय उद्यमिता एवम लघु व्यवसाय विकास संस्थान सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। यह संस्थान सूक्ष्म, लघु एवम् मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अन्तर्गत है। संस्थान का मुख्य कार्यालय नोएडा एवम् क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में स्थित है। यह संस्थान उद्यमिता को बढावा देने के उद्देश्य से क्षेत्र के अनुकूल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। यह संस्थान लघु उद्योगों के विस्तार के लिए शोध व परामर्श सहायता भी प्रदान करता है। इस संस्थान ने अब तक 46,837 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 12,37,307 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किये है। इसमें देश भर से 145 से अधिक देशों के 5,011 अर्न्तराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।