Share this:

Like this:

Like Loading...
" />
Published On: Tue, Aug 13th, 2019

कला, साहित्य और संस्कृति के भूटान फेस्टिवल “माउंटेन ऐकोज़” ने 2019 के वक्ताओं की घोषणा की

जयपुर, 14 अगस्त, 2019 :  विचारों और शब्दों से संपन्न, मैनी लाइव्स, मैनी स्टोरीज (अनेकों जिंदगियां, अनेकों कहानियां) थीम पर केन्द्रित-कला, साहित्य और संस्कृति के फेस्टिवल-माउंटेन ऐकोज़ का 10वां संस्करण भूटान, भारत और पूरी दुनिया से आये वक्ताओं की कहानियों के माध्यम से मानव मन की गहराई तलाशेगा|

माउंटेन ऐकोज़ जयपुर आधारित साहित्यिक एजेंसी, सियाही के सहयोग से इंडिया भूटान फाउंडेशन की एक पहल है । माउंटेन ऐकोज़ साहित्यिक एजेंसी सियाही की संस्थापक और सीईओ मीता कपूर, जो साहित्यिक उत्सवों और आयोजनों ​के ​ ​कांसेप्ट ​ और निर्माण करती है द्वारा संचालित किया गया है । एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में, वह यात्रा, भोजन और जीवन शैली के साथ-साथ सामाजिक और विकास के मुद्दों पर विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए नियमित रूप से लिखती हैं।

इस उत्सव  के 10 साल की यात्रा के बारे में बोलते हुए मीता कपूर ने कहा, 2010 में जो तारायण केंद्र के एक हॉल में भूटान, भारत और दुनिया के कुछ वक्ताओं के साथ शुरू हुआ, वो वर्ष 2019 में  थिम्पू को शामिल करते हुए सात स्थानों पर पैनल चर्चाओं, कार्यशालाओं, कई प्रदर्शनों, पॉप-अप के माध्यम से  तेजी से बढ़ा है । हम चार दिनों के इस उत्सव में अपनी कहानियों, विचारों को साहित्यिक सत्रों, संगीत, नृत्य, कला, अन्य प्रदर्शनों, कार्यशालाओं के माध्यम से दर्शाते  हैं, लेकिन एक आवश्यक और सर्व-अनुमति देने वाला तत्व है  एकता की भावना, एक गर्मजोशी और आत्मीयता है जो हमेशा बनी रहती है और जो माउंटेन ऐकोज़ को इतना खास और अनोखा बनाता है

फेस्टिवल के सत्र विशेष रूप से कहानियों पर केन्द्रित होंगे, जो इतिहास से लेकर समकालीन घटनाओं से सजी होंगी| उनमें शेक्सपियर के दौर के नाटक; नगरों, नदियों, समुद्रों और सभ्यताओं की कहानियां; और ऐतिहासिक चरित्रों की जीवनियां भी समाहित होंगी|

वक्ता पारिस्थितिकी विज्ञान और यात्राओं से जुड़ी उन कहानियों की आवाज बनेंगे, जो व्यक्ति विशेष से गहराई से जुड़ी हैं, अध्यात्मिक शिक्षा से जुड़ी अध्यात्म की कहानियां, और सिनेमा की कला को बयां करती कहानियां; इस साल के प्रोग्राम में फ़ूड, फैशन, सेहत और व्यवसाय से जुड़ी कहानियां होंगी|

महामहिम एम्बेसडर मेजर जनरल वी नामग्याल माउंटेन ऐकोज़ के सफर की बात करते हुए कहते हैं, “माउंटेन ऐकोज़ लिटरेचर फेस्टिवल की हर साल बढ़ती हुई लोकप्रियता से मैं बहुत खुश हूं| भारत और भूटान के साथ ही दुनिया भर से आये लेखक भूटान के पर्वतों की मनोरम छाया में आ जुटते हैं| बौद्धिक और सांस्कृतिक संवाद के माध्यम से यह फेस्टिवल भारत-भूटान की दोस्ती को प्रोत्साहित कर, दोनों राष्ट्रों की घनिष्ठता को गहराई प्रदान करता है| मैं आशा करता हूँ कि माउंटेन ऐकोज़ का 10वां संस्करण अपार सफलता प्राप्त करे|”

भूटान ट्रस्ट फंड और रॉयल सोसाइटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ नेचर के सहयोग और WWF के समर्थन से इकोलॉजी के एक भाग के रूप में, रूडी शेल्ड्क पर एक चर्चा की जाएगी, जहां उग्येन वांगचुक इंस्टीट्यूट फॉर कंजर्वेशन एंड एनवायरमेंट के शोधार्थी, डॉक्टर शेरब और भूटान में वर्ल्ड वाइल्डलाइफ के प्रतिनिधि डेचन दोरजी सर्दियों में आये अपने मेहमान रूडी शेल्ड्क की दिलचस्प यात्रा के किस्से सुनायेंगे|डॉक्टर पेमा चोफेल और डॉक्टर संगय भूटान के राष्ट्रीय पशु, ताकिन के विषय में बात करेंगे| ऐसा माना जाता है कि दृक्पा कुनले ने गाय के शरीर पर बकरी का सिर लगा दिया था| वक्ता चर्चा करेंगे कि कैसे तकनीक और ताकिन के प्रति भूटानी लोगों के सम्मान ने देश के पर्यावरण संरक्षण के प्रयास को आकार दिया| इंद्रा प्रसाद अचारजा और जिग्मे शेरिंग जल में रहने वाले जीवों के विषय में चर्चा करते हुए, लुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण, पर्यावरण, राजनीतिक पहल और शिक्षा के विषय पर चर्चा करेंगे|

सफल उद्यमी किनले वांगचुक (गांचू), नाम्गेयाल दोरजी और पेमा चोडेन तेज़िन उद्यमिता की कहानियों को मंच पर लायेंगे, वो अपने रास्ते की चुनौतियों और बिजनेस की शुरुआत पर भी चर्चा करेंगे| वक्ता वैश्विक रूप से प्रासंगिक विषय तकनीक और उसके भविष्य पर भी चर्चा करेंगे| ऑस्ट्रेलिया की डिजिटल क्रांति के रॉक स्टार, टोबी वौल्श आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर को तोड़ते हुए, उसके फायदों पर विस्तृत चर्चा करेंगे|

बहुत से प्रसिद्ध वक्ता अध्यात्म पर भी चर्चा करेंगे| नंदिनी मजुमदार, आदरणीय कबीर सक्सेना और सोनम वांगमो झलानी चर्चा करेंगे कि ज्ञान का वास्तविक अर्थ तीर्थों के चक्कर लगाना नहीं, बल्कि अपने अंदर उतरकर संतुष्टि प्राप्त करने का सफर है| मारिआनपोलिस कॉलेज के लिबरल आर्ट्स डिपार्टमेंटकी प्रोफेसर वेनेसा आर सेसौं भूटानी कार्यकर्त्ता डॉक्टर ताशी ज़ागमो से अपने उपन्यास की बात करते हुए बुद्ध की यशोधरा का एक नया नजरिया सामने रखेंगी|

साहित्य, संस्कृति और सिनेमा हमेशा हाथों में हाथ डालकर चले हैं और वो समाज का आईना रहे हैं| सिनेमा की समकालीन दीवानगी के दौर में ऋचा चड्ढा और अभिषेक चौबे कंटेंट की महत्ता पर चर्चा करेंगे| एक अन्य सत्र में, वक्ता तकनीकी रूप से तेजी से बदलते समय में फिल्म निर्माण की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे| जहाँ कला में जीवन झलकता है, वहीँ जीवन में भी कला झलकती है, और इसी उथल-पुथल भरे अनुभव को फिल्म-निर्माता अभिव्यक्त करेंगे|

इस साल की थीम मैनी लाइव्स, मैनी स्टोरीज के चलते कहानी और उसके भिन्न रूपों पर चर्चा की जाएगी| इतिहास में कहानी के स्वरूप, इतिहास, इतिहास-पूर्व, इतिहास-पश्चात् की परिभाषा और लिखे शब्दों की महत्ता; ग्राफिक नॉवेल लिखने के लिए जैसन क़ुइन्न, दृश्य माध्यम से कहानी बयाँ करने के आमिर वानी और कहानी कहने की कला पर नीलेश मिश्रा वर्कशॉप का आयोजन करेंगे| फेस्टिवल का फोकस कहानी के भिन्न माध्यमों पर रहेगा|              

सत्रों का फोकस कहानी कहने के दृश्य माध्यम और समकालीन कहानीकारों के जीवन पर भी रहेगा| भूटान की सुपर मॉडल डेकी वांगमो, अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भूटान के पहले फैशन ब्लोगर करमा लाहरी वांगचुक और भूटान फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर उगेन चोडेन सत्र में चर्चा करेंगे कि कैसे भूटान की फैशन इंडस्ट्री दुनियाभर के आईडिया अपनाने के बाद भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाये हुए रख पाई है| फोटोग्राफर-फिल्ममेकर आमिर वानी, क्यूरेटर जोनो लिनीन और यात्रा लेखक शिव्य नाथ कैमरे के माध्यम से अनजान दुनिया देखने के अनुभव पर चर्चा करेंगे| दिल से घुमक्कड़ ये लोग बताएँगे कि किस प्रकार तस्वीरें कहानी कहने और लोगों से बात करने का माध्यम बन जाती हैं|

फेस्टिवल के हालिया संस्करण पर बात करते हुए, फेस्टिवल के को-डायरेक्टर प्रमोद केजी कहते हैं, “माउंटेन ऐकोज़ का दसवां संस्करण लिखे शब्दों, बोले गए विचारों और कहानियां कहती अनेक जुबानों के लिए स्वतंत्र मंच की शक्ति की बयानगी करता है|”

भूटान की मनोरम वादियों में, माउंटेन ऐकोज़ इस वर्ष भी देश और दुनिया की प्रसिद्ध हस्तियों का स्वागत बाँहें पसारकर करेगा|

विरासत से सम्बंधित एक सत्र में लैंग्वेज एंड कल्चर स्टडीज के कॉलेज प्रेजिडेंट, भूटान रॉयल यूनिवर्सिटी के प्रो-वाईस चांसलर और वांगचुक डायनेस्टी के लोपन लुंगटन ग्यात्सो और दाशो यैंकी भूटान के इतिहास में साम्राज्य की भूमिका पर चर्चा करेंगे| उनके साथ संवाद करेंगे दाशो करमा शिटीम| ख़ुशी इंडेक्स में हमेशा ऊपर रहने वाला भूटान अपने देश की प्रगति प्रति व्यक्ति आय से नहीं अपितु प्रति व्यक्ति ख़ुशी से आंकता है| ताशी पेल्यांग और विवि शेरिंग डेसप्स इंटिग्रेटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए बताएँगे कि कैसे उसूलों और समाज-सेवा की प्रेरणा से असली ख़ुशी पाई जा सकती है|  

नील मैकग्रेगर और दाशो शेरिंग टोब्गे 16वीं/17वीं शताब्दी के इंग्लैंड से लेकर 21वीं शताब्दी के भूटान तक पर शेक्सपीयर के पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा करेंगे| समयातीत थीम और भूमंडलीय मानव भावों ने उनके कार्य को दुनियाभर में स्वीकार्य बनाया| वो शेक्सपियर के काम की बारीकी और हमारे समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे|

Leave a comment

You must be Logged in to post comment.

Recent Posts

India and Hyderabad to get an iconic structure paralleling the World’s most recognised structures

January 24, 2020, Comments Off on India and Hyderabad to get an iconic structure paralleling the World’s most recognised structures

OPPO’s New Sleek F15 Goes on Sale Starting Today

January 24, 2020, Comments Off on OPPO’s New Sleek F15 Goes on Sale Starting Today

FC Goa vs Kerala Blasters: 10 things to know about the game

January 24, 2020, Comments Off on FC Goa vs Kerala Blasters: 10 things to know about the game

Drishti Lifeguards to be felicitated on Indian Idol Republic Day special

January 24, 2020, Comments Off on Drishti Lifeguards to be felicitated on Indian Idol Republic Day special

Paytm Payments Bank leads the fight against phishing and fraudsters

January 24, 2020, Comments Off on Paytm Payments Bank leads the fight against phishing and fraudsters
Pin It
%d bloggers like this: