जयपुर, 30 सितंबर, 2021। रीट भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले सहित प्रदेश के नौजवानों के रोजगार के मुद्दे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि, अशोक गहलोत सरकार वादाखिलाफी के लिये जानी जाती है, जिसने किसानों-युवाओं के साथ धोखा किया है।

राहुल गांधी ने वर्ष 2018 में किसानों से सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं किया, प्रदेश के करीब 60 लाख किसान 1.20 लाख करोड़ के कर्जमाफी के इंतजार में हैं, कई किसान आत्महत्या भी कर चुके हैं।

किसान कर्जमाफी का कांग्रेस ने जनघोषणा पत्र में भी वादा किया था, जिस पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी के मुस्कराते हुये फोटो भी लगे हुये हैं।

गहलोत सरकार ने राजस्थान के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। राज्य सरकार पेपर लीक नहीं होने की बात कह रही है, अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो सरकार ने इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को सस्पेंड क्यों किया ? क्या सरकार की यह कार्यवाही रीट पेपर धांधली को प्रमाणित नहीं कर रही ? रीट पेपर 8.30 बजे लीक हो जाता है, जो बड़ी अनियमितता है।

रीट पेपर लीक धांधली का मास्टरमाइंड बत्ती लाल मीणा कांग्रेस का रजिस्टर्ड कार्यकर्ता है, जिसकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ फोटो सोशल मीडिया पर चल रही है और भी कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ उसके फोटो वायरल हो रहे हैं।

बत्तीलाल मीणा की पृष्ठभूमि में जायें तो गोविंद डोटासरा सहित कई बड़े कांग्रेस नेताओं के साथ उसके संबंध होने की जानकारी सामने आयी है।

डॉ. पूनियां ने कहा कि, जब सरकार वीक होती है, तभी पर्चे लीक होते हैं, और गहलोत सरकार की बुनियाद ही कमजोर है, इसलिये युवाओं के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री गहलोत ने रीट परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिये तमाम इंतजाम, परिवहन, मुफ्त भोजन की व्यवस्था की बड़ी-बड़ी बातें कहीं, लेकिन हवाई चप्पल में ब्लूटूथ का अविष्कार राहुल गांधी के संरक्षण में अशोक गहलोत सरकार में हुआ है, जिससे रीट परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई।

लाखों परीक्षार्थियों के सपनों पर कुठाराघात हुआ, सरकार के पास कोई एक्शन प्लान नहीं है, इंटरनेट भी बंद कर दिया, बावजूद पेपर लीक होने से सरकार नहीं रोक पाई। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुये जब इंटरनेट बंद किया जाता है, तो कांग्रेस उस पर सवाल खड़े करती है, और राजस्थान में इंटरनेट बंद करने को सही बताती है।

भाजपा की मांग है कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रीट परीक्षा घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश करें, और शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को बर्खास्त करें या फिर नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को खुद अपने पद से इस्तीफा देना चाहिये।

एसआई, आरएएस, जेइएन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर घोटाले के मामले सामने आ चुके हैं। नकल रोकने में विफल गहलोत सरकार के शासनकाल में ऐसे हालात हो चुके हैं कि, आरपीएससी कांग्रेस लोक सेवा आयोग बन चुका है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा रीट परीक्षा मामले को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में आंदोलन करेगा और युवाओं को न्याय नहीं मिलने तक भाजपा लगातार आंदोलन के जरिये आवाज उठाती रहेगी।