जयपुर, मई, 2020 – भारतीय संस्कृति कितनी सशक्त हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। हमारे धर्म ग्रंथों में बड़े से बड़े संकट से निबटने का तरीका दिया है और प्राचीन चारों वेदों पर दुनिया में वैज्ञानिक शोध भी कर रहे हैं। भारतीय प्राचीन संस्कृति में हवन, यज्ञ और मंत्रों से ही कष्टों का निवारण होता रहा है, किसी भी बड़े संकट को वैदिक उपचार से भी दूर करने का प्रयास किया जा सकता है। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए गायत्री परिवार ने भी देश-दुनिया के लिए संकट बने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए वैदिक उपचार करने की तैयारी की है। इसके लिए आज 31 मई को दुनिया भर के दस लाख घरों में एक साथ यज्ञ में आहुतियां देने की शुरुआत की  गयी।

शांतिकुंज हरिद्वार आगामी 2 जून 2020 से 20 जून 2021 तक एक वर्ष तक गायत्री अभियान साधना चलाएगा। 

विश्वव्यापी यह अनुष्ठान 31 मई को दुनिया सौ देशों में परिवार के दस लाख घरों में एक साथ संपन्न किया गया।  गायत्री परिवार के शांतिकुंज हरिद्वार से सभी परिवार के सदस्यों के लिए जारी एडवाइजरी में 31 मई को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक यज्ञ सम्पन्न करने की एडवाइजरी जारी की गई है। चूंकि पूरी कोरोना वायरस वैश्विक महामारी बन गया है, इसलिए कई देशों में एक साथ इस अनुष्ठान की तैयारी की गई है। यज्ञ के समय गायत्री मंत्र के साथ 24 और महामृत्युंजय मंत्र के साथ पांच बार आहुति भी दी गयी ।   

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